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खेलने से पहले पढ़ें: क्रिकेट नियम 2026

खेलने से पहले पढ़ें: क्रिकेट नियम 2026

त्वरित उत्तर क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का सबसे भरोसेमंद आधार मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के 42 नियम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के खेल-नियम हैं। सामान्य क्रिकेट में दो टीमों के 11-11 खिलाड़ी होते....

28 सितंबर 2026

खेलने से पहले पढ़ें: क्रिकेट नियम 2026

त्वरित उत्तर

क्रिकेट के नियम हिंदी में समझने का सबसे भरोसेमंद आधार मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के 42 नियम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के खेल-नियम हैं। सामान्य क्रिकेट में दो टीमों के 11-11 खिलाड़ी होते हैं, एक पारी में छह गेंदों का ओवर होता है और बल्लेबाज रन बनाकर लक्ष्य हासिल करते हैं। टेस्ट क्रिकेट पांच दिनों तक, एकदिवसीय क्रिकेट 50 ओवर प्रति टीम और ट्वेंटी-20 क्रिकेट 20 ओवर प्रति टीम खेला जाता है। नो-बॉल पर सामान्यतः एक अतिरिक्त रन मिलता है, वाइड गेंद भी अतिरिक्त रन देती है और सीमा रेखा पार करने पर चार या छह रन मिल सकते हैं। विकेट, कैच, रन आउट, एलबीडब्ल्यू और स्टंपिंग प्रमुख आउट होने के तरीके हैं। किसी स्थानीय प्रतियोगिता में 8 या 16 ओवर, नौ खिलाड़ी अथवा विशेष “मैजिक ओवर” जैसे नियम अलग हो सकते हैं; इसलिए टॉस से पहले आयोजक की लिखित शर्तें जरूर पढ़ें।

सूर्यास्त के समय क्रिकेट मैदान में पिच, विकेट और सीमा रेखा का स्पष्ट दृश्य

क्रिकेट प्रेमी पर नियमों को केवल याद करने के बजाय उनके पीछे का तर्क समझाया जाता है, क्योंकि मैदान पर सबसे महंगी गलती अक्सर वही होती है जिसे खिलाड़ी “छोटी बात” समझता है। मैंने भी एक बार स्थानीय मैच की मौखिक शर्तों पर भरोसा किया था और बाद में पता चला कि अंतिम गेंद के रन दोगुने गिने जाने थे। हां, नियमों की दुनिया में आंख बंद करके भरोसा करना वैसा ही है जैसे संदिग्ध वेबसाइट पर पैसा जमा करना—बहादुरी नहीं, सीधा जोखिम। नीचे मानक नियम और स्थानीय टूर्नामेंट के बीच फर्क साफ किया गया है।

अधिक आधिकारिक संदर्भ के लिए मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब के नियम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के नियम देखें।

जानकारी को सुरक्षित तरीके से समझना चाहते हैं? नीचे दिए गए संसाधन से शुरुआत करें।

और जानें

शीर्ष 5 क्रिकेट नियम एक नजर में

  1. खिलाड़ियों की संख्या: मानक मैच में प्रत्येक टीम के 11 खिलाड़ी होते हैं; सीमित ओवरों में विकल्प खिलाड़ी और स्थानापन्न के नियम प्रतियोगिता पर निर्भर करते हैं।
  2. ओवर की संरचना: एक सामान्य ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं; नो-बॉल और वाइड वैध गेंद में नहीं गिनी जातीं।
  3. रन का मूल्य: विकेटों के बीच दौड़कर लिए रन एक-एक जुड़ते हैं, सीमा रेखा तक लुढ़कने पर चार और सीधे हवा में सीमा पार करने पर छह रन मिलते हैं।
  4. आउट के तरीके: बोल्ड, कैच, एलबीडब्ल्यू, रन आउट, स्टंपिंग, हिट विकेट और कुछ अन्य तरीके नियमों में शामिल हैं।
  5. अंपायर का निर्णय: मैदान पर अंपायर निर्णय देता है; वीडियो समीक्षा उपलब्ध हो तो उसका उपयोग प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार होता है।

[Internal Link: शुरुआती खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट मार्गदर्शिका]

नियम 1: मैदान, पिच और टीम कैसे तय होती है?

मानक क्रिकेट मैदान में 22 गज लंबी पिच होती है, जिसके दोनों सिरों पर तीन-तीन स्टंप और बेल रखी जाती हैं। प्रत्येक टीम में 11 खिलाड़ी होते हैं, लेकिन अंतिम एकादश, अतिरिक्त खिलाड़ी, गेंदबाजी प्रतिबंध और स्थानापन्न की अनुमति मैच के प्रारूप से तय होती है। कप्तान टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी या गेंदबाजी चुनता है; मौसम, पिच और लक्ष्य का अनुमान इस निर्णय को प्रभावित करते हैं।

मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब, जिसे सामान्यतः एमसीसी कहा जाता है, क्रिकेट के आधिकारिक नियमों का संरक्षक माना जाता है। नियम 1 टीम और खिलाड़ियों से, नियम 2 अंपायरों से, जबकि नियम 6 पिच और नियम 7 क्रीज से संबंधित हैं। अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद इन नियमों के साथ प्रतियोगिता-विशिष्ट शर्तें लागू करती है। इसलिए किसी स्कूल मैच में 9 खिलाड़ी या 8 ओवर प्रति पारी दिखें, तो उसे अंतरराष्ट्रीय मानक समझ लेना आपकी पहली गलती होगी।

कप्तान और आयोजक से लिखित शर्तें मांगना बिल्कुल उचित है; यह संदेह नहीं, समझदारी है।

क्या आप मूल संरचना पहले पक्की करना चाहते हैं? यह संदर्भ उपयोगी रहेगा।

नियम देखें

नियम 2: गेंद, ओवर और अतिरिक्त रन कैसे गिने जाते हैं?

एक ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं, लेकिन नो-बॉल और वाइड गेंदें वैध गेंद नहीं मानी जातीं। नो-बॉल पर सामान्यतः एक अतिरिक्त रन मिलता है और सीमित ओवरों के क्रिकेट में अगली गेंद पर फ्री हिट लागू हो सकती है। वाइड तब दी जाती है जब गेंद बल्लेबाज की सामान्य पहुंच से बाहर हो, हालांकि ऊंचाई और दिशा के लिए प्रारूप-विशिष्ट सीमाएं भी लागू होती हैं।

गेंद बल्ले से न लगने पर भी रन बन सकते हैं। लेग-बाई में गेंद शरीर से लगकर रन मिलता है, जबकि बाई में गेंद बल्ले या शरीर से बिना लगे रन बनता है। ओवरथ्रो से मिले रन भी नियमों के अनुसार स्कोर में जुड़ते हैं। महत्वपूर्ण बारीकी यह है कि फ्री हिट पर बल्लेबाज हर प्रकार से आउट नहीं हो सकता; सामान्यतः रन आउट, स्टंपिंग और कुछ परिस्थितियों में क्षेत्ररक्षण से जुड़े आउट संभव रहते हैं। स्थानीय 16 ओवर के मैच में आयोजक अलग दंड या सीमा नियम बना सकता है, इसलिए “हर जगह यही होता है” वाला आत्मविश्वास बचाकर रखें।

गेंदबाज छह गेंदों का ओवर पूरा करते हुए पिच पर केंद्रित क्षेत्ररक्षकों के बीच गेंद फेंकता हुआ

नियम 3: बल्लेबाज कब और कैसे आउट होता है?

बल्लेबाज बोल्ड तब होता है जब गेंद स्टंप से टकराकर बेल गिरा दे, जबकि कैच में बल्ले से लगी गेंद जमीन छूने से पहले क्षेत्ररक्षक पकड़ता है। एलबीडब्ल्यू के लिए गेंद का पिच पर पड़ना, स्टंप की दिशा में जाना और बल्लेबाज के पैर या शरीर से टकराने जैसी कई शर्तें देखी जाती हैं; केवल पैर पर गेंद लगना अपने-आप आउट नहीं है। रन आउट में बल्लेबाज क्रीज से बाहर होता है और क्षेत्ररक्षक गेंद से संबंधित विकेट गिरा देता है।

स्टंपिंग तब होती है जब विकेटकीपर बल्लेबाज के क्रीज से बाहर होने पर गेंद के वैध खेल के दौरान विकेट गिराता है। हिट विकेट में बल्लेबाज स्वयं अपने विकेट को गिरा देता है। इसके अतिरिक्त गेंद को दो बार मारना, मैदान में बाधा डालना या समय पर अगली पारी के लिए तैयार न होना भी विशेष परिस्थितियों में आउट का कारण हो सकता है। नियम 2022 के बाद “टाइम्ड आउट” को लेकर क्रिकेट जगत में बहस तेज हुई, लेकिन निर्णय हमेशा लागू प्रतियोगिता-नियम और अंपायर की व्याख्या पर निर्भर करेगा।

[Internal Link: बल्लेबाजी तकनीक और आउट होने से बचने के उपाय]

नियम 4: सीमा रेखा, चौका और छक्का कैसे तय होते हैं?

सीमा रेखा तक जमीन छूते हुए पहुंचने पर चार रन मिलते हैं और बल्लेबाज के बल्ले से लगी गेंद हवा में सीधे सीमा पार करे तो छह रन मिलते हैं। यदि क्षेत्ररक्षक गेंद रोकते समय स्वयं सीमा रेखा या उसके बाहर संपर्क में हो, तो सीमा का निर्णय गेंद और क्षेत्ररक्षक की स्थिति के आधार पर किया जाता है। सीमा रेखा बदलने पर पुरानी दूरी का अनुमान नहीं, मैदान पर चिह्नित वास्तविक सीमा मान्य होती है।

स्थानीय मैदानों में पीछे की जाली, छत या पेड़ से टकराने पर नियम अलग हो सकते हैं। कुछ प्रतियोगिताएं जाली से सीधे बाहर जाने वाली गेंद को छह, टप्पा खाकर बाहर जाने वाली गेंद को चार या पीछे की जाली से लगने पर एक रन घोषित करती हैं। यह एमसीसी का सार्वभौमिक नियम नहीं है; यह आयोजक की स्थानीय शर्त है। इसी तरह कुछ मनोरंजक मैचों में पहली और अंतिम गेंद के रन दोगुने या बीच के एक ओवर को “मैजिक ओवर” घोषित किया जाता है। ऐसी शर्तों को पोस्टर पर लिखना चाहिए, हवा में नहीं छोड़ना चाहिए।

नियम 5: सीमित ओवरों और लंबे प्रारूप में क्या अंतर है?

ट्वेंटी-20 में प्रत्येक टीम को 20 ओवर, एकदिवसीय क्रिकेट में 50 ओवर और टेस्ट क्रिकेट में अधिकतम पांच दिनों में दो-दो पारियां मिलती हैं। सीमित ओवरों में लक्ष्य रन, बची गेंदें और बचे विकेट जीत का सीधा गणित बनाते हैं; टेस्ट क्रिकेट में समय, फॉलोऑन, पारी की बढ़त और ड्रॉ की संभावना भी महत्वपूर्ण हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों में घरेलू प्रतियोगिताएं इन प्रारूपों के अलग-अलग संस्करण चलाती हैं।

ट्वेंटी-20 में पावरप्ले के दौरान क्षेत्ररक्षण प्रतिबंध, गेंदबाजों के ओवर की सीमा और धीमी ओवर गति पर दंड लागू हो सकता है। एकदिवसीय क्रिकेट में भी पावरप्ले और क्षेत्ररक्षण की शर्तें प्रतियोगिता के अनुसार बदल सकती हैं। वर्ष 2026 में किसी लीग का नियम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मानक से अलग होना संभव है, विशेषकर ओवरों की संख्या, सुपर ओवर, वर्षा-विधि और समीक्षा प्रणाली के मामले में। इसलिए स्कोरकार्ड पढ़ते समय केवल रन और विकेट नहीं, प्रतियोगिता का नियम-पत्र भी देखें।

किस प्रारूप में रणनीति बदलती है, यह समझने के लिए यह अगला संदर्भ मदद करेगा।

विस्तृत जानकारी पढ़ें

क्रिकेट के नियम कैसे जांचें?

किसी मैच से पहले नियम जांचने का सबसे सुरक्षित तरीका है कि आयोजक का लिखित नियम-पत्र, एमसीसी के संबंधित नियम और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिता शर्तों को साथ पढ़ा जाए। पहले खिलाड़ियों की संख्या, ओवर, गेंद का प्रकार, समीक्षा सुविधा और बारिश की स्थिति लिख लें। फिर नो-बॉल, वाइड, सीमा और टाई की स्थिति के उदाहरण मांगें, क्योंकि यहीं सबसे अधिक विवाद होता है।

मेरे अनुभव में नियम-पत्र के छोटे अक्षर सबसे बड़ा जाल होते हैं। एक स्थानीय प्रतियोगिता में 10 मिनट की देरी के बाद विरोधी टीम को विजेता घोषित करने की शर्त थी, जबकि खिलाड़ियों ने केवल मौखिक घोषणा सुनी थी। इसी तरह चोटिल बल्लेबाज के लिए रनर की अनुमति मानक आधुनिक क्रिकेट में सामान्य अधिकार नहीं है; प्रतियोगिता की विशेष स्वीकृति आवश्यक हो सकती है। इसलिए निम्न जांच-सूची अपनाएं:

  • टीम और अंतिम एकादश की संख्या लिखित रूप में देखें।
  • प्रति पारी ओवर और गेंदबाज की अधिकतम सीमा जांचें।
  • डीआरएस, सुपर ओवर और बारिश-विधि की उपलब्धता पूछें।
  • सीमा, जाली और छत से टकराने वाली गेंद का निर्णय स्पष्ट करें।
  • अंपायर के निर्णय और अपील की प्रक्रिया समझें।

मैच से पहले कप्तान और अंपायर नियम-पत्र पर हस्ताक्षर करते हुए शांत क्रिकेट मैदान में

क्रिकेट के नियमों में सामान्य भ्रम क्या हैं?

सबसे आम भ्रम यह है कि हर नो-बॉल पर बल्लेबाज को फ्री हिट मिलती है; वास्तव में यह सीमित ओवरों के प्रारूप और लागू नियमों पर निर्भर होती है। दूसरा भ्रम यह है कि एलबीडब्ल्यू में गेंद का पैर पर लगना पर्याप्त है, जबकि विकेट की दिशा, पिचिंग और शॉट खेलने का प्रयास जैसी शर्तें देखी जाती हैं। तीसरा भ्रम यह है कि डीआरएस अंपायर के हर निर्णय को बदल सकता है; समीक्षा में उपलब्ध तकनीकी प्रमाण और “अंपायर का निर्णय” सिद्धांत दोनों महत्वपूर्ण रहते हैं।

कई दर्शक यह भी मानते हैं कि गेंद सीमा रेखा को छूते ही छह रन मिलते हैं, जबकि जमीन से संपर्क और बल्ले से सीधे हवा में जाने के बीच बड़ा अंतर है। कैच के मामले में क्षेत्ररक्षक का नियंत्रण और सीमा रेखा से संपर्क निर्णायक होता है। नियमों की आधिकारिक व्याख्या पढ़ते समय एमसीसी और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को प्राथमिकता दें, न कि किसी वायरल वीडियो के नीचे लिखी “पक्की जानकारी” को। क्रिकेट प्रेमी की मैच समीक्षा में भी निर्णय समझने के लिए गेंद-दर-गेंद संदर्भ देखना अधिक उपयोगी है।

[Internal Link: अंपायर संकेतों और स्कोरकार्ड को समझने की मार्गदर्शिका]

कौन-सा नियम पहले सीखना चाहिए?

शुरुआती दर्शक पहले ओवर, रन, वाइड, नो-बॉल, चौका, छक्का और विकेट की मूल अवधारणाएं सीखें; उसके बाद एलबीडब्ल्यू, फ्री हिट, पावरप्ले और समीक्षा प्रणाली पर जाएं। यह क्रम इसलिए उपयोगी है क्योंकि स्कोरबोर्ड की लगभग हर स्थिति इन्हीं मूल शब्दों पर आधारित होती है। नए खिलाड़ी के लिए रन लेने के दौरान क्रीज, बल्ले का संपर्क और विकेट गिरने का क्षण देखना सबसे व्यावहारिक अभ्यास है।

यदि आप मैच देखते समय भ्रमित होते हैं, तो हर गेंद के बाद चार बातें नोट करें: गेंद वैध थी या नहीं, कितने रन बने, विकेट गिरा या नहीं, और अगली गेंद किस स्थिति में होगी। यह छोटा अभ्यास कुछ ही मैचों में समझ तेज कर देता है। मानक क्रिकेट और स्थानीय टूर्नामेंट को अलग रखें; 8 ओवर की प्रतियोगिता में विशेष दोगुने रन या मैजिक ओवर हो सकते हैं, पर उन्हें एमसीसी का सामान्य नियम बताना गलत होगा।

अब निष्कर्ष सीधा है: पहले लिखित नियम पढ़ें, फिर अंपायर के संकेत देखें, और अंत में स्कोरकार्ड से मिलान करें। हां, यह थोड़ा मेहनत वाला रास्ता है; लेकिन गलत नियम पर बहस करने से बेहतर है।

मुख्य बिंदु दोहराकर याद रखना चाहते हैं? आधिकारिक संसाधन यहां देखें।

नियमों का सार पढ़ें

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्रिकेट में एक टीम में कितने खिलाड़ी होते हैं?

उत्तर: मानक क्रिकेट में प्रत्येक टीम के 11 खिलाड़ी होते हैं। इनमें बल्लेबाज, गेंदबाज, विकेटकीपर और हरफनमौला खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। अंतिम एकादश प्रतियोगिता से पहले घोषित होती है, जबकि अतिरिक्त खिलाड़ियों का उपयोग स्थानापन्न या क्षेत्ररक्षण सहायता के लिए प्रतियोगिता-विशिष्ट नियमों के अनुसार होता है।

प्रश्न: क्रिकेट में एक ओवर में कितनी गेंदें होती हैं?

उत्तर: एक सामान्य ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं। नो-बॉल और वाइड गेंद वैध गेंद में नहीं गिनी जातीं, इसलिए गेंदबाज को छह वैध गेंदें पूरी करनी पड़ती हैं। यदि ओवर में तीन वाइड और एक नो-बॉल हो, तो कुल गेंदों की संख्या छह से अधिक हो सकती है।

प्रश्न: नो-बॉल और वाइड में क्या अंतर है?

उत्तर: नो-बॉल मुख्यतः गेंदबाज की अवैध डिलीवरी या क्रीज-संबंधी उल्लंघन के कारण दी जाती है, जबकि वाइड बल्लेबाज की पहुंच से बाहर गेंद के लिए दी जाती है। दोनों में सामान्यतः एक अतिरिक्त रन मिलता है। सीमित ओवरों के क्रिकेट में नो-बॉल के बाद फ्री हिट लागू हो सकती है, लेकिन स्थानीय नियम अलग हो सकते हैं।

प्रश्न: एलबीडब्ल्यू आउट कैसे दिया जाता है?

उत्तर: एलबीडब्ल्यू तब संभव होता है जब गेंद बल्लेबाज के पैर या शरीर से टकराकर विकेट की दिशा में जा रही हो और नियमों की पिचिंग तथा शॉट-संबंधी शर्तें पूरी हों। गेंद का बल्ले से पहले शरीर पर लगना, विकेट की लाइन और बल्लेबाज का शॉट खेलने का प्रयास निर्णायक होते हैं। हर पैर पर लगी गेंद एलबीडब्ल्यू नहीं होती।

प्रश्न: क्या हर क्रिकेट मैच में डीआरएस उपलब्ध होता है?

उत्तर: नहीं, डीआरएस केवल उन प्रतियोगिताओं में उपलब्ध होता है जिनके नियम और तकनीकी व्यवस्था उसे अनुमति देते हैं। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की बड़ी प्रतियोगिताओं में समीक्षा प्रणाली हो सकती है, जबकि स्थानीय 8 या 16 ओवर के मैचों में अंपायर का मैदान पर निर्णय अंतिम हो सकता है। मैच शुरू होने से पहले समीक्षा की संख्या और प्रक्रिया पूछें।

प्रश्न: क्रिकेट में चौका और छक्का कैसे अलग होते हैं?

उत्तर: गेंद जमीन को छूते हुए सीमा रेखा पार करे तो चार रन और बल्लेबाज के बल्ले से लगकर सीधे हवा में सीमा पार करे तो छह रन मिलते हैं। क्षेत्ररक्षक का सीमा रेखा से संपर्क होने पर निर्णय बदल सकता है। स्थानीय मैदान में जाली, छत या बाधा से टकराने वाली गेंद के लिए अलग नियम लिखे जा सकते हैं।

प्रश्न: स्थानीय क्रिकेट मैच के विशेष नियम कैसे जांचें?

उत्तर: कप्तान या आयोजक से लिखित नियम-पत्र लेकर मैच से पहले खिलाड़ियों की संख्या, ओवर, सीमा, देरी, डीआरएस और टाई की स्थिति जांचें। कुछ प्रतियोगिताओं में 10 मिनट की प्रतीक्षा, दोगुने रन या मैजिक ओवर जैसी शर्तें होती हैं। इन्हें मानक एमसीसी नियम न मानें और विवाद से पहले अंपायर से आधिकारिक स्पष्टीकरण लें।

क्रिकेट प्रेमी पर नियमित मैच समीक्षा, खिलाड़ी आंकड़े, आईपीएल कवरेज तथा बल्लेबाजी और गेंदबाजी रणनीति पढ़कर आप नियमों को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ सकते हैं। सही जानकारी के साथ मैच देखना केवल मनोरंजन नहीं रहता; हर अपील, हर रन और हर रणनीति का अर्थ साफ दिखाई देने लगता है। अब अगली बार कोई दोस्त “यह तो हमेशा आउट है” कहे, तो मुस्कुराकर नियम-पत्र खोलिए—बहस भी जीतेगा और दोस्ती भी बची रहेगी।

अगले मैच से पहले अपनी तैयारी पूरी करें और भरोसेमंद क्रिकेट जानकारी देखें।

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